कहीं यह प्रयोग टीम इंडिया को भारी न पड़ जाएं

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~दीपक अग्रहरी

तिलक वर्मा को सीधे एशिया कप में खिलाने का फैसला कितना सही हो सकता है, यह तो एशिया कप के बाद ही पता चलेगा लेकिन वर्ल्ड कप के नजदीक आते-आते सिलेक्टर्स और कोच जो प्रयोग कर रहे थे उनसे जवाब तो मिले नहीं उल्टा सवाल और खड़े हो गए हैं। 2021 टी-20 वर्ल्ड कप याद ही होगा जब आइपीएल सेनसेशन मिस्ट्री स्पिनर वरुण चक्रवर्ती को आईपीएल से सीधा वर्ल्ड कप में उतार दिया गया था लेकिन उसके बाद जो  हुआ ये हम सबको पता है। चक्रवर्ती पूरे कैंपेन में बुरी तरह फ्लॉप हुए और इसके बाद उनके सिलेक्शन पर भी सवाल खड़े हुए।

तिलक वर्मा के साथ भी कहीं ऐसा न हो क्योंकि बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने अभी तक कोई अंतरराष्ट्रीय वन-डे मुकाबला नहीं खेला है। एशिया कप जैसे टूर्नामेंट में कहीं ज्यादा दबाब होगा, अगर वह खेलते भी हैं तो यह एक तरह का प्रयोग ही होगा। जहां वह किसी दूसरे बल्लेबाज की जगह लेंगे और अगर उनका डेब्यू उम्मीद के मुताबिक अच्छा न गया तो भारत का एक प्रयोग और टीम पर भारी पड़ सकता है।

केएल राहुल और श्रेयस अय्यर की वापसी से इतना तो साफ है कि ये दोनों मध्य क्रम में खेलेगे। नंबर तीन तक तो स्थिति साफ है। जैसा कि कप्तान रोहित शर्मा ने भी कहा कि नम्बर चार और पांच के लिए मैच के मुताबिक बदलाव हो सकते हैं लेकिन वहां पर भी सूर्यकुमार यादव, संजू सैमसन और ईशान किशन के तौर पर विकल्प उपलब्ध हैं जिन्हें इंटरनेशनल क्रिकेट का अनुभव भी तिलक से अधिक है और इऩ खिलाड़ियों को लेकर पहले से ही टीम मैनेजमेंट का प्रयोग जारी है। फिर क्यों न हम इन्हीं खिलाड़ियों को लेकर टीम में फेरबदल करते। बेशक सूर्य कुमार यादव के आंकड़े वन-डे में बहुत साधारण हों लेकिन उनकी पॉवरहिटिंग को नजरअंदाज नहीं  किया जा सकता है और जैसे की खबरें भी आई थीं कि कोच राहुल द्राविड़ भी इस बल्लेबाज के मजबूत पक्ष का इस्तेमाल लोअर आर्डर में टीम 41 से 50 ओवरों के दौरान रनों की गति बढ़ाने के लिए कर सकते हैं। संजू सैमसन के वन-डे में आंकड़े उनकी प्रतिबध्दता जाहिर करते हैं और ईशान ने भी जरूर मध्यक्रम में लचर प्रदर्शन किया है लेकिन ओपनिंग में इस बाएं हाथ के बल्लेबाज ने सभी को प्रभावित किया है। रोहित शर्मा के बयान के बाद यह तो साफ है कि ईशान बैकअप ओपनर के तौर पर नहीं जा रहें है। कप्तान उन्हें निचले बल्लेबाजी क्रम में भी उतार सकते हैं। तिलक वर्मा के आने से पहले जो विकल्प मौजूद थे, उन्हें मिलने वाले मौकों में सेंध लगेगी।

तिलक वर्मा को टीम से जोड़ने के पीछे भारतीय बल्लेबाजी क्रम में खासकर मध्य क्रम में बाएं हाथ के बल्लेबाज की कमी भी एक कारण बताया जा रहा है। लेफ्ट हैंडर के आने से टीम में विविधता आएगी लेकिन क्या यह सही समय है विविधता तलाशने का। हम पहले ही दूसरी टीमों से कहीं पीछे नजर आ रहें है। 17 सदस्यीय टीम में विकल्पों की कमी नहीं है लेकिन कभी- कभी अधिकता आपको संशय में डाल सकती है। एशिया कप के लिए चुनी गई भारतीय टीम, कागजी तौर पर काफी समय बाद सम्पूर्ण लग रही है। के एल राहुल, श्रेयस अय्यर और जसप्रीत बुमराह की वापसी टीम को मजबूती देगी।

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