रिजवान जावेद पर आईसीसी ने क्रिकेट खेलने पर 17.5 साल बैन लगाया

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आयुष राज

इंग्लैंड में एक क्लब क्रिकेटर रिजवान जावेद को 2021 में हुए टी-10 लीग
में मैच फिक्सिंग के आरोप में दोषी पाया गया है। आईसीसी ने उन पर 17.5
साल का बैन लगा दिया है।

जावेद पर एंटी करप्शन कोड 2021 के टी 10 लीग में तीन बार अलग-अलग समय पर
मैच फिक्स करने, मैच फिक्सिंग के लिए लीग के कर्मचारियों को घूस देने और
फिक्सिंग करने वालों के बारे में पूरी जानकारी देने से मना करने जैसे
आरोप लगे जिसमें वह दोषी पाए गए। आठ लोग इसमें शामिल थे जिसमें जावेद के
साथ बांग्लादेश के ऑलराउंडर खिलाड़ी नासिर हुसैन भी इस सूची में शामिल थे
और वह भी दोषी पाए गए। नासिर को दो साल तक क्रिकेट खेलने पर रोक है और
उनपर भी वही आरोप लगे है जो जावेद पर लगे थे।

जावेद सुनवाई पर समय से उपस्थित नहीं होते थे और अधूरी जानकारी भी देते
थे जो बाद में ज्यादातर मौकों पर गलत साबित होती थी और वह जवाब देने के
लिए हिंसा का प्रयोग भी करते थे। बोर्ड द्वारा उनके ऊपर यह सब आरोप भी
लगाए गए है जो कार्यवाही के बाद साथ में जोड़े गए। जावेद ने कई प्रोफेशनल
खिलाड़ियों को भी फिक्सिंग में शामिल करने की कोशिश की थी और इस वजह से
उनका यह मैच फिक्सिंग का घोटाला सबकी नजरो में आया।

जावेद पर लगा बैन आईसीसी ने लगाया है। इसे दूसरा सबसे बड़ा बैन है। इससे
पहले 2018 में ज़िम्बाब्वे के राजन नायर पर सबसे बड़ा बैन लगा था जो बीस
साल का है। आईसीसी ने कहा कि जावेद पर इतना लंबा बैन इसलिए लगाया गया है
जिससे आने वाले समय में कोई ऐसी कोशिश ना कर पाए और अगर कोई ऐसा करने की
सोचे भी तो यह ना भूले कि उनका भी यही हाल हो सकता है।

इंग्लैंड में एक क्लब क्रिकेटर रिजवान जावेद को 2021 में हुए टी-10 लीग
में मैच फिक्सिंग के आरोप में दोषी पाया गया है। आईसीसी ने उन पर 17.5
साल का बैन लगा दिया है।

जावेद पर एंटी करप्शन कोड 2021 के टी 10 लीग में तीन बार अलग-अलग समय पर
मैच फिक्स करने, मैच फिक्सिंग के लिए लीग के कर्मचारियों को घूस देने और
फिक्सिंग करने वालों के बारे में पूरी जानकारी देने से मना करने जैसे
आरोप लगे जिसमें वह दोषी पाए गए। आठ लोग इसमें शामिल थे जिसमें जावेद के
साथ बांग्लादेश के ऑलराउंडर खिलाड़ी नासिर हुसैन भी इस सूची में शामिल थे
और वह भी दोषी पाए गए। नासिर को दो साल तक क्रिकेट खेलने पर रोक है और
उनपर भी वही आरोप लगे है जो जावेद पर लगे थे।

जावेद सुनवाई पर समय से उपस्थित नहीं होते थे और अधूरी जानकारी भी देते
थे जो बाद में ज्यादातर मौकों पर गलत साबित होती थी और वह जवाब देने के
लिए हिंसा का प्रयोग भी करते थे। बोर्ड द्वारा उनके ऊपर यह सब आरोप भी
लगाए गए है जो कार्यवाही के बाद साथ में जोड़े गए। जावेद ने कई प्रोफेशनल
खिलाड़ियों को भी फिक्सिंग में शामिल करने की कोशिश की थी और इस वजह से
उनका यह मैच फिक्सिंग का घोटाला सबकी नजरो में आया।

जावेद पर लगा बैन आईसीसी ने लगाया है। इसे दूसरा सबसे बड़ा बैन है। इससे
पहले 2018 में ज़िम्बाब्वे के राजन नायर पर सबसे बड़ा बैन लगा था जो बीस
साल का है। आईसीसी ने कहा कि जावेद पर इतना लंबा बैन इसलिए लगाया गया है
जिससे आने वाले समय में कोई ऐसी कोशिश ना कर पाए और अगर कोई ऐसा करने की
सोचे भी तो यह ना भूले कि उनका भी यही हाल हो सकता है।

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