वर्ल्ड कप के लिए अश्विन को नज़रअंदाज़ करना होगी बड़ी भूल

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~दीपक अग्रहरी

रविचंद्रन अश्विन वनडे क्रिकेट में एक बार फिर से वापसी कर सकते हैं।
अक्टूबर में होने वाले वर्ल्ड कप से पहले भारत अगले महीने एशिया कप के
लिए श्रीलंका जाएगा, जो इस बार वनडे फार्मेट में खेला जाएगा। इसी को लेकर
अभी खबर आई है कि टीम मैनेजमेंट आर अश्विन को वनडे टीम में चुन सकती है।
इस स्टार स्पिनर ने अपना आखिरी वनडे पिछले साल साउथ अफ्रीका के खिलाफ
खेला था। तब से वह 50 ओवर के खेल का हिस्सा नहीं हैं। अश्विन की हालिया
फॉर्म शानदार रही है। टेस्ट क्रिकेट में वह टीम के ट्रंप कार्ड रहे हैं।
खासकर घरेलू जमीन पर, जहां उनकी और जडेजा की जोड़ी ने भारत को एक अभेद
किला बना दिया है।

भारतीय टीम इस समय वेस्टइंडीज दौरे पर है, जहां टेस्ट सीरीज 1-0 से जीतने
के बाद उसकी निगाहें वनड़े मैचों पर होगी। टीम यहां से अपने 15
खिलाड़ियों को टटोलना शुरू कर देगी। अश्विन वनडे सीरीज का हिस्सा तो नहीं
हैं लेकिन एशिया कप के लिए उनके नाम पर विचार किया जा रहा है।

भारत के स्पिन खेमे की बात करें तो कई विकल्प मौजूद हैं। रवीन्द्र जडेजा
और अक्षर पटेल लेफ्ट ऑर्म बॉलर है। जडेजा की डिप होती गेंदें और अक्षर की
स्ट्रेटर-वन असरदार रहती हैं। दोनों बल्लेबाज़ी में भी खास हैं लेकिन
दोनों बाएं हाथ के स्पिनर हैं। ज़ाहिर है कि दोनों के एक साथ खेलने की
सम्भावना नहीं है। टीम में कुलदीप यादव और युजवेन्द्र चहल के रूप में
अन्य स्पिनर भी है लेकिन उनसे निचले क्रम में बल्लेबाजी कौशल की उम्मीद
करना बेमानी होगा। वर्ल्ड कप की मेजबानी भारत कर रहा है और मेजबान अपने
बड़े मुकाबले स्पिन फ्रेंडली पिचों पर खेलेगा। अश्विन के भारतीय पिचों पर
अनुभव को नजरअंदाज करना मुश्किल होगा, इसी के साथ अश्विन लोअर ऑर्डर में
बैट से कितने माहिर हैं, यह जगजाहिर है। अश्विन के आईपीएल के प्रदर्शन ने
भी चयनकर्ताओं को उन पर गम्भीरता से विचार करने के लिए मजबूर किया है।
राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलते हुए उनके आकड़ों से ज़ाहिर है कि यह
खिलाड़ी आज भी सीमित ओवर क्रिकेट में प्रभावशाली है। तमिलनाडु का यह बॉलर
अपनी उपस्थिति से भारत को बल्लेबाजी क्रम में गहराई और गेंदबाजी में
विविधता प्रदान करेगा। इस ऑफ स्पिनर ने वनड़े करियर में 113 मैचों में
4.94 की इकॉनामी से 151 विकेट हासिल किए हैं। वैसे भी जब वर्ल्ड कप का
आयोजन भारत में हो रहा हो तो अश्विन को टीम से बाहर करने के बारे में
सोचा भी नहीं जा सकता। यूं भी इस वर्ल्ड कप में एक से बढ़कर एक बाएं हाथ
के बल्लेबाज़ भाग लेने वाले हैं, उन पर लगाम लगाने में अश्विन से बेहतर
आज दुनिया में कोई भी बॉलर नहीं है।

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