शमी की गेंदबाज़ी के सामने नहीं ठहरती शार्दुल की बल्लेबाज़ी, शमी,सिराज, बुमराह हैं टीम की ज़रूरत

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एक दिन पहले तक चर्चा थी कि टीम मैनेजमेंट आठवें नम्बर पर ऑलराउंडर
खिलाना चाहता है। उस स्थिति में शमी और सिराज में से किसी एक के बाहर
होने की उम्मीदें पैदा हो गई थीं लेकिन बुधवार को दोपहर में ही हार्दिक
पांड्या के इंजरी से न उबर पाने की खबरों ने सारे समीकरण बदल दिए। ज़ाहिर
है कि हार्दिक के इंग्लैंड के खिलाफ अगले रविवार को होने वाले मैच में न
खेलने से अब शमी भी खेलते दिख रहे हैं और सिराज भी।

सम्भव है कि इलेवन न्यूज़ीलैंड के खिलाफ खेली प्लेइंग इलेवन में इस बार
भी कोई बदलाव न किया जाए। यानी सूर्यकुमार यादव की जगह बहाल रहे। साथ ही
हमारे तीनों फ्रंटलाइन फास्ट बॉलर फिर एक साथ दिखाई दें। पिछली बार का
चैम्पियन इंग्लैंड इस बार बेहद कमज़ोर है लेकिन वहीं जॉनी बेयरस्टो,
डाविड मालान, जो रूट, बेन स्टोक्स, हैरी ब्रुक्स और जोस बटलर में किसी भी
समय पुरानी लय में लौटने की काबिलियत है। इनमें मालान और हैरी ब्रुक्स को
छोड़कर बाकी चार बल्लेबाज़  वर्ल्ड चैम्पियन टीम का हिस्सा थे। इन धाकड़
बल्लेबाज़ों को टीम इंडिया की पेस बैट्री की त्रिमूर्ति ही रोक सकती है।
बीच के ओवरों में कुलदीप यादव और रवींद्र जडेजा रनों पर नियंत्रण लगाकर
दबाव बनाने का काम कर सकते हैं। इनमें खासकर कुलदीप के सामने टिकना बहुत
मुश्किल हो जाता है। इसका फायदा दूसरे छोर पर गेंदबाज़ उठा सकते हैं।

इसमें कोई दो राय नहीं कि हार्दिक पांड्या दो खिलाड़ियों का काम करते
हैं। जैसा कि रोहित शर्मा ने उनके लिए कहा है कि वह एक मुकम्मल तेज़
गेंदबाज़ हैं जो शानदार बल्लेबाज़ी भी कर सकते हैं। उनकी तेज़ गेंदबाज़ी
की भरपाई मोहम्मद शमी ने न्यूज़ीलैंड के खिलाफ पिछले मैच में बखूबी की।
उन्होंने अपराइट सीम, स्लोअर, यॉर्कर और फुलर लेंग्थ की गेंदों से कुल
मिलाकर पांच विकेट चटकाए जिनमें तीन खिलाड़ियों को उन्होंने बोल्ड किया।
शमी पॉवरप्ले के भी शानदार गेंदबाज़ माने जाते हैं। इस दौरान उनकी 85
फीसदी गेंदें छह और आठ मीटर के दायरे में रहती हैं। न्यूज़ीलैंड के खिलाफ
भी उन्होंने पॉवरप्ले में 24 में से 17 गेंदें गुडलेंग्थ पर कीं। इसी साल
आईपीएल में उन्होंने 28 में से दो तिहाई विकेट पॉवरप्ले में ही हासिल किए
थे।

यहां सवाल है कि तीन मुक़ाबलों में शार्दुल ठाकुर का खेलना और शमी का
बाहर बैठना किसी के भी गले नहीं उतरता। शार्दुल को तीन मैचों में दो
विकेट हासिल हुए। उनकी इकॉनमी में मैच दर मैच इज़ाफा होता गया है। आम तौर
पर वह बल्लेबाज़ का विकेट नहीं झटकते बल्कि बल्लेबाज़ बुमराह और सिराज के
दबाव बनाने पर उन पर बड़े शॉट खेलने के प्रयास में उन्हें विकेट दे देता
है लेकिन यहां तो ऐसा देखने को भी नहीं मिल रहा।

हार्दिक श्रीलंका के खिलाफ मैच में भी उपलब्ध नहीं हो पाएंगे। साउथ
अफ्रीका के खिलाफ पांच नवम्बर को कोलकाता के ईडन गार्डन पर होने वाले मैच
में ही वह उपलब्ध हो पाएंगे। उनके सूर्यकुमार यादव की जगह आने की स्थिति
में छह गेंदबाज़ों के विकल्प मुहैया हो सकेंगे लेकिन आठवें नम्बर पर
ऑलराउंडर खिलाने की समस्या बनी रहेगी। वक्त की नज़ाकत को देखते हुए इसे
समस्या नहीं, वरदान कहना ठीक होगा क्योंकि शमी की गेंदबाज़ी शार्दुल की
बल्लेबाज़ी से कहीं बेहतर है जो टीम इंडिया की बड़ी ताक़त साबित हो सकती
है।

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