शमी की गैरमौजूदगी भारत के लिए बड़ा झटका,31 वर्षो के सूखे को खत्म करने की चुनौती

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भारत को 26 दिसम्बर से दो टेस्ट मैचों की सीरीज साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेलनी है। कप्तान रोहित शर्मा सहित भारत का टेस्ट स्कवॉड साउथ अफ्रीका पहुंच चुका है। विदेशी धरती पर जीत के लिए गेंदबाजी हमेशा से एक्स फैक्टर साबित हुई है। भारत के पिछले कुछ वर्षों में सेना देशों में मिली टेस्ट सफलताओँ का एक बहुत बड़ा कारण भारत की उम्दा गेंदबाजी रही है। यहां गेंदबाजी की बात इसलिए हो रही है क्योंकि साउथ अफ्रीका दौरे से तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी बाहर हो गए हैं। भारत की पेस तिकड़ी में एक बड़े धुरंधर की कमी रोहित शर्मा को खल सकती है। दोनों देशों के बीच क्रिकेटिंग इतिहास 31 वर्षों का रहा है। इस दौरान भारत ने कई दौरे किए लेकिन वह अभी तक साउथ अफ्रीका की धरती में टेस्ट सीरीज जीतने में नाकाम रहा है।

रोहित के मिशन साउथ अफ्रीका को मोहम्मद शमी के गैरमौजूदगी ने करारा झटका दिया है। शमी वर्ल्ड कप के दौरान अपनी सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में थे। शमी अनुभवी हैं और साउथ अफ्रीका में खेल चुके हैं। इस जमीं पर आठ मैच खेलते हुए शमी ने 23 के औसत से 35 विकेट हासिल किए हैं। वह साउथ अफ्रीका की तेज विकेटों के रवैये से वाकिफ हैं। शमी की गैरमौजूदगी में बुमराह और सिराज पर जिम्मेदारी बढ़ जाएगी। पिछले कुछ समय से देखा गया है कि भारत की यह पेस तिकड़ी भी कई मैचों में बेअसर रही है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप का फाइनल हो या इंग्लैंड दौरे के बचा इकलौता टेस्ट, दोनों में ही भारतीय गेंदबाजी की खूब पिटाई हुई थी। बहरहाल एक नये टेस्ट सर्किल में यह पेस तिकड़ी एक बार फिर से अपनी खोई हुई लय तलाशती नज़र आ रही है लेकिन अब शमी नहीं हैं तो बुमराह और सिराज को शमी की भी भरपाई करने के साथ-साथ विदेशी जमीं पर भारतीय टीम को जीत के लिए वापसी करानी होगी। साथ ही टीम मैनेजमेंट को शमी का उपयुक्त विकल्प भी ढूंढना होगा।

फिलहाल इस बारे में अभी तक किसी नाम पर मुहर नहीं लगी है। प्रोटियाई दौरे के लिए चुने स्कवॉड मे मुकेश कुमार और प्रसिद्ध कृष्णा भी हैं लेकिन दोनों ही खिलाड़ी अनुभवहीन है। क्या भारतीय सिलेक्टर अनुभव को देखते हुए उमेश यादव और इशांत शर्मा को वापस टीम में बुला सकते है। उमेश टेस्ट चैम्पियनशिप फाइनल के बाद से टीम का हिस्सा नहीं हैं वहीं इशांत नवम्बर 2021 के बाद से टीम कोई टेस्ट मुकाबला नहीं खेले हैं। दोनों खिलाड़ियों के अफ्रीकी धरती में प्रदर्शन पर नजर डालें तो इशांत ने सात मुकाबलों में 20 विकेट चटकाए हैं जबकि उमेश ने मात्र एक मैच खेलते हुए दो विकेट हासिल किए है।

कई सीनियर खिलाड़ियों से आगे बढ़ चुकी भारतीय टीम क्या मुड़ के अपने दो अनुभवी टेस्ट गेंदबाजों की फिर से देखेगी। डब्लूटीसी का तीसरा सर्किल इस समय चल रहा है और भारत की इस सर्किल में यह दूसरी सीरीज़ है।

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