सवाल भी उठा, उम्मीद भी जगी…क्या कप्तान रोहित दिला पाएंगे भारत को आईसीसी ट्रॉफी ?

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भारतीय टीम की कप्तानी जब विराट कोहली से लेकर रोहित शर्मा के हाथों में सौंपी गई थी  तो रोहित से हर किसी को काफी उम्मीदें थीं क्योंकि उनके पास आईपीएल में कप्तानी करने का खासा अनुभव था और वह मुंबई इंडियंस को पांच बार आईपीएल चैंपियन भी बना चुके थे। बाइलेटरल सीरीज में भी रोहित ने अपनी कप्तानी का दमखम दिखाया। हालांकि, आईसीसी टूर्नामेंटों में रोहित की अगुआई में टीम इंडिया को बार-बार हार का सामना करना पड़ा। टी-20 विश्व कप में टीम का बुरा हाल हुआ  तो टेस्ट क्रिकेट की बादशाहत हासिल करने का सपना भी महज़  सपना बनकर रह गया।

रोहित की कप्तानी से भारत के महान बल्लेबाज़ एवं पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर भी कुछ खास प्रभावित नहीं हुए हैं। उनका कहना है कि कप्तान रोहित उनकी उम्मीदों पर अब तक खरे नहीं उतरे हैं। गावस्कर के अनुसार आईपीएल का इतना अनुभव होने के बावजूद रोहित ने अपनी कप्तानी से काफ़ी निराश किया है।

सुनील गावस्कर ने एक इवेंट के दौरान कहा कि उन्होंने रोहित से ज्यादा की उम्मीद की थी। भारत की सरजमीं पर बात अलग है लेकिन विदेशी धरती पर अच्छा प्रदर्शन करना असली टेस्ट होता है, जहां रोहित ने काफी निराश किया है। आईपीएल का इतना अनुभव, 100 से ज्यादा मैचों में कप्तानी और आईपीएल में खेलने वाले बेस्ट प्लेयर्स के होने के बावजूद रोहित की कप्तानी में टीम टी-20 में भी फाइनल तक नहीं पहुंच सकी जो काफी निराशाजनक है।

सुनील गावस्कर का कहना है कि डब्ल्यूटीसी फाइनल में मिली हार के लिए रोहित शर्मा और हेड कोच राहुल द्रविड़ से सवाल पूछे जाने चाहिए कि पहले फील्डिंग करने का फैसला क्यों लिया? ठीक है, टॉस के समय पर उन्होंने बताया कि ओवरकास्ट कंडीशंस को देखते हुए यह फैसला लिया गया। मगर यह फैसला टीम इंडिया के खिलाफ गया। इसके बाद अगला सवाल पूछा जाना चाहिए कि क्या आपको ट्रेविस हेड की शॉर्ट बॉल के खिलाफ कमजोरी का नहीं पता था? अगर हां तो बाउंसर का इस्तेमाल उनकी पारी के शुरूआती क्षणों में क्यों नहीं किया गया। गावस्कर ने यह भी कहा की जब ट्रेविस हैड बल्लेबाजी करने आए तो कमेंट्री बॉक्स में रिकी पॉन्टिंग बोल रहे थे कि उनके खिलाफ बाउंसर का इस्तेमाल कीजिए। हर किसी को इस बात का पता था  लेकिन भारतीय टीम ने कोशिश ही ऐसी कोशिश नहीं की।

हालाकि हरभजन सिंह ने रोहित शर्मा का बचाव किया। उन्होनें कहा कि भारत के आईसीसी टूर्नामेंटों में खराब प्रदर्शन के लिए रोहित शर्मा की आलोचना करना सही नहीं है क्योंकि क्रिकेट एक टीम स्पोर्ट्स है और एक अकेला खिलाड़ी टीम की दशा को नहीं बदल सकता। हरभजन के मुताबिक सिर्फ यह कहना कि रोहित शर्मा रन नहीं बना रहे हैं या वह अपनी फिटनेस का ख्याल नहीं रख रहे या कप्तानी सही ढंग से नहीं कर रहे, ये सही नहीं है। हरभजन ने यह भी कहा कि रोहित शर्मा बेहतरीन कप्तान हैं और उनकी कप्तानी को सपोर्ट किया जाना चाहिए और उन पर भरोसा जताया जाना चाहिए।  

इस बार 2023 का विश्व कप भारतीय सरजमीं पर खेला जाने वाला है और रोहित शर्मा के पास भारत के लिए वर्ल्ड कप जीतने का सुनहरा मौका है। अभी तक रोहित शर्मा की अगुवाई में भारत ने टी20 विश्व कप और विश्व टेस्ट चैंपियनशिप गवाई है। 2023 के वन-डे विश्व कप में रोहित शर्मा से सभी को काफी उम्मीदें है और अगर उन्होंने अपने बल्ले से 2019 वाला कमाल फिर से दोहराया तो इस बात में कोई संदेह नहीं कि विश्व कप में भारतीय टीम इस बार कुछ बड़ा कर सकती है।

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