अनुभव की कमी के बीच बढ़ जाएगी विराट, रोहित और राहुल की ज़िम्मेदारी

Date:

Share post:

26 दिसंबर से भारत सेंचुरियन में साउथ अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज खेलने जा रहा है। सेना देशों में यही ऐसा देश रहा है जिसमें भारत ने अभी तक कोई भी टेस्ट सीरीज नहीं जीती है। पिछली बार 2021-22 के साउथ अफ्रीका दौरे पर भारत ने टेस्ट सीरीज की शुरुआत जीतकर की लेकिन अगले दोनों मैचों में हार के साथ सीरीज गवां दी थी। इस बार भारतीय टीम की कमान रोहित शर्मा के हाथ में है और यहां सीरीज जीत उनकी कप्तानी में चार-चांद लगा सकती है। साउथ अफ्रीका में इतिहास रचने के लिए भारतीय बल्लेबाजों पर दारोमदार होने वाला है। पिछले कुछ विदेशी दौरे पर ध्यान दें तो बल्लेबाजी ने कई बार भारत को डुबाया है। इस बार रिषभ पंत टीम में नहीं हैं। अनुभवी पुजारा और रहाणे नहीं हैं जिनकी जगह श्रेयस और शुभमन गिल दिखाई देंगें। इन दोनों बल्लेबाजों के लिए यह पहला प्रोटियाई दौरा है। विराट टीम से जुड़ चुके हैं और विराट के अलावा रोहित और राहुल ही इस बल्लेबाजी क्रम में ऐसे खिलाड़ी हैं जो पहले भी साउथ अफ्रीका में टेस्ट मैच खेल चुके हैं। ओपनिंग में रोहित के साथ के लिए युवा यशस्वी जायसवाल खेलते नजर आ सकते हैं। यशस्वी ने कुछ महीनों पहले अपनी डेब्यू सीरीज में वेस्टइंडीज के खिलाफ सेंचुरी जड़ खूब रन बनाए थे। वेस्टइंडीज दौरे पर गिल को उनके कहने पर टीम मैनेजमेंट ने नंबर 3 पर उतारा था जहां वह फ्लॉप साबित हुए थे। इस युवा बल्लेबाज ने अपने कैरियर में 18 टेस्ट मैच खेलते हुए 32 की औसत से 966 रन बनाए है। अमूमन सेंचुरियन की विकेट बल्लेबाजों के लिए मुश्किल रहती है जिसे देखते हुए गिल के लिए यह मैच चुनौतीपूर्ण होने वाला है। अंजिक्य रहाणे की जगह  अब श्रेयस अय्यर खेलते दिखेंगे। इंजरी के बाद अय्यर ने वर्ल्ड कप में खूब रन बनाए हैं। अय्यर शानदार फार्म में है लेकिन यह देखना होगा कि वह साउथ अफ्रीका की तेज उछाल भरी विकेटों पर कैसा प्रर्दशन करते हैं। गिल और जायसवाल की तरह अय्यर भी पहली बार कोई टेस्ट इस जमीं पर खेलने वाले हैं। पंत और इशान की गैरमौजूदगी में विकेटकीपर के तौर पर एल राहुल का अंतिम ग्यारह में होना लगभग तय है। केएल ने पिछले साउथ अफ्रीकी दौरे में इसी मैदान पर सेंचुरी जड़ी थी। राहुल एक बेहतरीन बल्लेबाज तो हैं ही साथ ही उन्होंने ने एक विकेटकीपर के तौर पर भी बहुत प्रभावित किया है। राहुल ने 47 टेस्ट मैच खेलते हुए 33 की औसत से 2642 रन बनाए हैं। जरूर उनकी औसत ज्यादा दमदार नहीं है लेकिन पिछले इंग्लैंड और साउथ अफ्रीका दौरे पर उन्होनें ओपनिंग करते हुए उपयोगी रन बनाए थे। यह देखना दिलचस्प होगा कि वनडे के बाद टेस्ट में भी कर्नाटक का यह खिलाड़ी अपने आप को एक बार फिर टीम की जरुरत के अनुसार कैसे ढालता है।  टीम के सबसे अनुभवी दो बल्लेबाज रो-को यानि विराट और रोहित वर्ल्ड कप को भूल कर एक बार फिर से मैदान में उतरेंगे। सीरीज जीतने के लिए दोनों बल्लेबाजों के बल्ले चलना बहुत जरुरी हैं। विराट के आंकड़े साउथ अफ्रीका में शानदार हैं। सात मैचों में पूर्व भारतीय कप्तान ने 51 की औसत से 719 रन बनाए हैं जिसमें दो सेंचुरी और तीन हाफसेंचुरी भी शामिल है। वहीं रोहित शर्मा का साउथ अफ्रीका में रिकॉर्ड बेहद साधारण है। भारतीय कप्तान ने यहां चार मैच खेले हैं जिसमें 15 की औसत से 123 रन बनाएं है और उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 47 है। रोहित को अपनी पुरानी नाकामयाबी को भुला इस बार बेहतर करना होगा और जिस तरह रोहित एक टेस्ट बल्लेबाज के रुप में पिछले कुछ वर्षों में परिपक्व हुए हैं उसे देखते हुए वह तमाम उम्मीदों पर खड़े उतरेगें।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Related articles

दूसरे दिन भारतीय बल्लेबाजी बिखरी, इंग्लैंड के पास 134 रन की बढ़त मौजूद

आशीष मिश्रा चौथे टेस्ट में भारतीय टीम मुश्किलों में फंसी नजर आ रही है। दूसरे दिन का खेल पूरी...

डेविड वॉर्नर और डेवोन कॉन्वे हुए इंजर्ड, आईपीएल 2024 से हो सकते है बाहर

आईपीएल 2024 की शुरुआत में अब एक महीने से भी कम का वक़्त बाकी है। लेकिन दो टीम...

मुंबई टीम को मुशीर खान ने अपने डबल सेंचुरी से बचाया..

18 साल के युवा मुशीर खान ने मुंबई की रणजी टीम से खेलते हुए बड़ौदा के खिलाफ क्वाटर...

बीसीसीआई के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट से हटाए जा सकते है ईशान किशन और श्रेयश अय्यर

ईशान किशन और श्रेयश अय्यर के घरेलू क्रिकेट टीम में रणजी ट्रॉफी खेलने से मना करने के कारण...