अब वक्त आ गया है कुलदीप और चहल को एक साथ खिलाने का

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– Raj Kumar Sharma 8th June :

युजवेंद्र चहल और कुलदीप यादव दोनों ही क्वालिटी बॉलर हैं और दक्षिण अफ्रीका के सभी बल्लेबाज़ जानते हैं कि ये दोनों गेंदबाज़ अलग तरह की वेरिएशंस डालते हैं। जब जडेजा और अश्विन एक समय पर इंडियन टीम के लिए विकेट नहीं ले पा रहे थे तो टीम मेनेजमेंट ने इन दो गेंदबाजों का आजमाया और दोनों गेंदबाजों ने 2017 की चैंपियंस ट्रॉफी के बाद धमाल मचा दिया। दोनों अपनी गेंदबाज़ी में लगातार अटैक करते हैं। दबाव बनाते हैं और विकेट चटकाते हैं लेकिन एक समय ऐसा आया जब कुलदीप यादव को स्ट्रगल करना पड़ा जिससे उन्हें टीम इंडिया से ड्रॉप करना पड़ा लेकिन पिछले दिनों उन्होंने आईपीएल में शानदार प्रदर्शन करके इंडियन टीम में वापसी की है और युजवेंद्र चहल को तो यकीनन प्लेइंग 11 में शामिल किया जाना तय है लेकिन देखना दिलचस्प होगा कि अक्षर पटेल या कुलदीप यादव, दोनों में से किस खिलाड़ी को मौका दिया जाएगा क्योंकि अक्षर एक शानदार फील्डर होने के अलावा बढ़िया बल्लेबाज़ भी हैं। वहीं कुलदीप को आप मिस्ट्री स्पिनर कहें या फिर चाइनामैन, हुनर की उनमें कोई कमी नहीं है। वह आते ही अटैक करते हैं और विकेट की खोज में रहते हैं। मुझे लगता है कि टीम मैनेजमेंट चहल और कुलदीप के साथ जाएगी। दक्षिण अफ्रीका के नए बल्लेबाज़ों को निश्चय ही दोनों गेंदबाजों का सामना करना काफ़ी मुश्किल होगा।

वहीं, टीम मैनेजमेंट टीम में अलग-अलग गेंदबाजों को आजमाना चाहेगी। खासकर यह देखते हुए कि टी-20 विश्व क का आयोजन इसी साल ऑस्ट्रेलिया में होना है। मुझे पूरी आशा है कि सभी गेंदबाजों को दो से तीन मैच ज़रूर खेलने को मिलेंगे जिससे चुने गये खिलाड़ी खुद को साबित कर सकें और टी20 विश्व कप में अपनी जगह बना सकें। सीरीज़ का अपने आप में महत्व है लेकिन उससे भी ज़्यादा अहम टी20 विश्व कप होगा।

टीम को एक अनुभवी तेज गेंदबाज़ की ज़रूरत होगी जिसकी जिम्मेदारी भुवनेश्वर कुमार पर होगी, उन्हें ज़रूर मौका मिलना चाहिए। दूसरे रफ्तार के सौदागर उमरान मलिक और तीसरे हर्षल पटेल हैं जो डेथ ओवर के लिए जाने जाते हैं। हर्षल ने आरसीबी के लिए किफायती गेंदबाज़ी की और उन्होंने टीम इंडिया के लिए भी आखिरी ओवरों में अपनी उपयोगिता भी दिखाई।

जो क्वालिटी गेंदबाजी इंडियन टीम में है,  वह दक्षिण अफ्रीका के पास नहीं है। खास कर इंडियन पिचों पर उन्हें और भी जूझना पड़ सकता है। पहला टी20 मैच कोटला मैदान पर है जहां बाउंड्री काफ़ी छोटी है इसलिए यहां स्पिनर्स को गेंदबाजी करने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।

(लेखक विराट कोहली के कोच होने के अलावा द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता हैं)

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