शिखर के दौर की समाप्ति ! रुतुराज को दिया गया कप्तानी में चमकने का मौका

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शुक्रवार यानी 14 जुलाई की रात जब भारतीय सेलेक्टर्स ने एशियन गेम्स 2023 के लिए भारतीय टीम का एलान किया तो कई युवा खिलाड़ियों की किस्मत जाग गई। रिंकू सिंह, प्रभसिमरन सिंह, जीतेश शर्मा जैसे युवा खिलाड़ियों के घर में खुशी का माहौल बन गया। हालांकि सेलेक्टर्स ने इस टीम चयन के साथ ही स्टार बल्लेबाज शिखर धवन के करियर पर विराम भी लगा दिया है, ऐसा लगता है।

ऐसा माना जा रहा था कि गब्बर को इस टूर्नामेंट के लिए टीम की कप्तानी का भार सौंपा जाएगा लेकिन कप्तानी तो छोड़िए यहां तो धवन को टीम में जगह तक नहीं दी गई। ऐसे में यह सवाल उठना लाज़मी है कि क्या धवन के लिए टीम इंडिया के दरवाजे अब हमेशा के लिए बंद हो गए हैं?

पिछले साल जब टी-20 वर्ल्ड कप में शिखर धवन को नजरअंदाज किया गया था तो गब्बर का कहना था कि उनका फोकस 50 ओवर के वर्ल्ड कप पर है। हालांकि सच्चाई यह है कि धवन को टी-20 की तरह ही वनडे टीम से भी लगातार नजरअंदाज किया गया है। वेस्टइंडीज दौरे पर भारतीय टीम को तीन वनडे खेलने हैं लेकिन उस टीम में भी धवन का दूर-दूर तक नाम नहीं है। ऐसे में धवन भारत में होने वाले 2023 विश्व कप में खेलेंगे या नहीं, यह अपने आप में एक बड़ा सवाल है।

बीसीसीआई ने जब एशियन गेम्स में भारतीय टीम को भेजने का फैसला किया तो बताया गया कि इस टूर्नामेंट में बी टीम शिरकत करती नज़र आएगी। तभी से ऐसी अटकलें लगने लगीं कि इन खेलों में शिखर धवन को टीम की कमान सौंपी जा सकती है क्योंकि पहले भी धवन ने भारतीय बी टीम की कमान ज़िम्बाब्वे और श्रीलंका दौरे पर संभाली है। भारतीय सेलेक्टर्स ने सभी को हैरान करते हुए रुतुराज गायकवाड़ को टीम का कप्तान बनाया, जो स्वागत योग्य फैसला है लेकिन गब्बर को टीम में जगह न देने कई तरह के सवाल खड़े करता है।

गब्बर आखिरी बार भारतीय टीम की जर्सी पहनकर साल 2022 में उतरे थे। वनडे में बांग्लादेश के खिलाफ दिसंबर में उन्होंने अपना आखिरी मुकाबला खेला था। इस सीरीज में धवन का बल्ला खामोश रहा और वे तीन मैचों में सिर्फ 18 रन बना पाए। हालांकि इस सीरीज में फ्लॉप होने के बाद धवन की वनडे टीम में वापसी नहीं हुई। 167 वनडे मैचों में 44.11 के औसत से 6,793 रन बनाने वाले बाएं हाथ के इस ओपेनर का रिकॉर्ड इतना भी खराब नहीं है कि उनको मौके ही न दिए जाए।

साल 2022 में धवन ने 22 वनडे मैच खेले और इस दौरान 34 के औसत से उनके बल्ले से 688 रन निकले थे, जिसमें छह हाफ सेंचुरी भी शामिल थे। वहीं 2021 में गब्बर ने 59.40 के औसत से 297 रन बनाए थे। टी-20 टीम से धवन का नाता पहले ही टूट चुका है जो कि लाज़मी है। हालांकि एशियन गेम्स  का फॉर्मेट भी फटाफट वाला है और शायद इस वजह से भी उनको टीम में नहीं रखा गया है। हालांकि आईपीएल 2023 में शानदार प्रदर्शन और वनडे में बेमिसाल रिकॉर्ड होने के बावजूद धवन की अनदेखी थोड़ी चौंकाने वाली जरूर है लेकिन ये भी हो सकता है कि धवन को 2023 वर्ल्ड कप के लिए स्कीम ऑफ थिंग्स में रखा गया हो क्योंकि एसे बड़े टूर्नामेंट में धवन का अनुभव भारत को काफी फायदा पहुंचा सकता है।

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