अफ्रीकी पेस बैट्ररी भारत के लिए बड़ी चुनौती, रहना होगा सावधान

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सुपरस्पोर्ट पार्क की पिच साउथ अफ्रीका की सबसे तेज पिचों में से एक मानी जाती है। मंगलवार से शुरू हो रहे मुकाबले में बारिश का भी साया है जिससे कंडीशन फास्ट बॉलिंग के लिए और बेहतर और बैटिंग के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण हो जाएगी। अगर कल मैच के लिए साउथ अफ्रीका की संभावित बॉलिंग लाइन अप पर नजर डालें तो- गेराल्ड कोएट्जी, मार्को येनसेन, कगिसो रबाड़ा और लुंगी एनगिडी जैसे गेंदबाज शामिल हैं। ये सभी तेज गेंदबाज लंबी कद-काठी के हैं जो भारतीय गेंदबाजों के मुकाबले विकेट से ज्यादा उछाल प्राप्त कर सकते हैं। पिछले साउथ अफ्रीका दौरे पर मिली असफलता का एक बड़ा कारण कोच राहुल द्रविड़ ने बल्लेबाजों के फ्लॉप शो के अलावा साउथ अफ्रीकी तेज गेंदबाजों को उनके लंबे कद के कारण मिले अतिरिक्त बाउंस को  बताया था। एक बार फिर यहीं अतिरिक्त बाउंस भारतीय बल्लेबाजों के लिए मुश्किल साबित हो सकता है।

कगिसो रबाड़ा

कगिसो रबाडा ने सुपरस्पोर्ट पार्क में खेलते हुए सात मुकाबलों में 17 की शानदार औसत से 50 विकेट चटकाए हैं जिसमें भारत के खिलाफ दो मैचों में 21 की औसत से 11 विकेट भी शामिल हैं। रबाडा पहले जैसे खतरनाक नहीं रहे लेकिन वह अपने साथी खिलाड़ियों का साथ बखूबी दे सकते हैं। इस साउथ अफ्रीकी तेज गेंदबाज ने अपने करियर में 60 मैच खेलते हुए 22 की बेहतरीन औसत से 280 विकेट हासिल किए है। रबाडा के आंकड़े बता रहे है कि वह कितने खतरनाक साबित हो सकते हैं।

लुंगी एनगिडी

भारत के खिलाफ लुंगी एनगिडी ने पांच मैच अपने देश में खेले हैं जहां 15.83 की औसत से 24 विकेट हासिल किए हैं। विराट कोहली को अमूमन यह गेंदबाज परेशान करता है। लंबी कद काठी के एनगिडी विराट सहित पूरी भारतीय टीम के लिए चिंता का सबब बन सकते हैं। सेंचुरियन में  तीन मुकाबलों में 18 विकेट लेने वाले एनगिडी एक बार फिर कहर बरपाने के लिए तैयार होंगे।

मार्को येनसेन

येनसेन ने अपने टेस्ट करियर की शुरुआत भारत के खिलाफ 2021-22 के दौरे पर की थी। तीन मैचों की उस सीरीज में येनसेन ने 19 भारतीय बल्लेबाजों को पवेलियन वापस भेजा था। छह फुट आठ इंच लंबा यह खिलाड़ी दूसरे गेंदबाजों की तुलना में ज्यादा उछाल निकाल सकता है और इसीलिए येनसेन भारतीय बल्लेबाजी क्रम के लिए बहुत बड़ा खतरा हैं।

इनके अलावा गेराल्ड कोएट्जी भी टीम में शामिल हैं। वर्ल्ड कप में कोएट्जी की तूफानी गति बल्लेबाजों के लिए सिरदर्द साबित हुई थी। सेंचुरियन की तेज विकेट उसके कोएट्जी की पेस। कहने का तात्पर्य है मैच जीतने के लिए भारतीय बल्लेबाजों को अपना सर्वश्रेष्ठ देना होगा।

 

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