`बेबी मालिंगा` का स्लिंगिंग एक्शन डेथ ओवरों में बना बल्लेबाज़ों के लिए पहेली

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दो साल पहले मथीशा पथिराना के बॉलिंग एक्शन का वीडियो एमएस धोनी के पास आया था। धोनी को उनका एक्शन इतना पसंद आया कि उन्होंने उनसे तुरंत सम्पर्क किया लेकिन तब श्रीलंका क्रिकेट से उन्हें एनओसी नहीं मिला। तब वह 18 साल के थे और केंडी के ट्रिंटी कॉलेज में क्रिकेट की बारीकियां सीख रहे थे। तीन साल पहले इस खिलाड़ी ने अंडर 19 वर्ल्ड कप में हिस्सा लिया और बांग्लादेश लीग का हिस्सा बने। उन्हीं दिनों यॉर्कर से बल्लेबाज़ों को परेशान करने वाला उनका एक वीडियो वायरल हो गया।

डेथ ओवरों के फनकार

आज पथिराना सीएसके के बतौर तेज़ गेंदबाज़ अहम सदस्य हैं और डेथ ओवरों में टीम उन पर काफी भरोसा करती है। लसित मालिंगा की तरह स्लिंगिंग एक्शन वाले इस खिलाड़ी को श्रीलंका क्रिकेट में पोडी या बेबी मालिंगा के नाम से जाना जाता है। सोमवार की रात आरसीबी के खिलाफ चेन्नई की टीम बैकफुट पर थी। पथिराना ने 18वें और 20वें ओवर में टीम की तकदीर बदल दी। चिन्नास्वामी स्टेडियम की कमज़ोर बाउंड्री के बावजूद पथिराना ने बेहद दबाव से भरे इन दो ओवरों में सिर्फ 14 रन खर्च किए।

`स्लोअर` भी हैं खतरनाक

पिछले साल धोनी ने उनकी ताकत को पहचाना। धोनी उनके बारे में कहते हैं कि वह डेथ ओवरों के शानदार गेंदबाज़ साबित हुए। उनके एक्शन को पकड़ पाना बल्लेबाज़ों के लिए पहेली बना हुआ है। उन्होंने अपनी स्लोअर गेंदें भी विकसित की हैं। उनके पास अच्छी रफ्तार है और उन पर लगातार शॉट खेलना आसान नहीं है। हालांकि उनके पिता का कहना है कि धीमी गेंदें उन्होंने ड्वेन ब्रावो को देखकर विकसित की हैं। पिछले साल ऑफ सीज़न में ब्रावो और सीएसके के बॉलिंग कोच एरिक सिमंस से उन्हें ऐसी ही विविधतापूर्ण गेंदबाज़ी करने में मदद मिली। हालंकि पथिराना की आर्म स्पीड मालिंगा जितनी तेज़ नहीं है लेकिन उनका रिलीज़ पॉइंट मालिंगा जैसा है जो बल्लेबाज़ों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है।

आसान नहीं है स्लिंग आर्म एक्शन से गेंदबाज़ी

पथिराना के पिता का कहना है कि उसका एक्शन मालिंगा की नकल नहीं है। लगातार अभ्यास से उसकी बॉलिंग स्किल में सुधार होता गया। हालांकि स्कूल में ट्रेनिंग के दौरान मालिंगा का उन्हें साथ मिला। 2020 का अंडर 19 वर्ल्ड कप में उनका प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा लेकिन दो साल बाद उनकी गेंदबाज़ी में ज़बर्दस्त सुधार हुआ। यह वर्ल्ड कप आईपीएल से पहले आयोजित किया गया था।
पथिराना के कोच का कहना है कि मालिंगा की तरह स्लिंग आर्म एक्शन से स्पीड के साथ सटीक गेंदबाज़ी करना आसान नहीं है। काफी खिलाड़ियों को इस एक्शन की वजह से इंजरी हुई और कुछ को तो यह एक्शन ही बदलना पड़ा। हालांकि पथिराना के शुरुआती दिनों में श्रीलंका के पूर्व तेज़ गेंदबाज़ चामिंडावास ने उनके पिता से उन्हें कोलम्बो भेजने का आग्रह किया था लेकिन उनका सेंटर दूर होने की वजह से उन्होंने पथिराना को वहां नहीं भेजा।

पथिराना हैं म्यूज़िक के शौकीन

पथिराना का परिवार म्यूज़िक का शौकीन है। पथिराना को पियानो और गाने का शौक है। उनकी मां एक बैंड के लिए गिटार बजाती हैं। पिता को भी गिटार को शौक है। उनकी बड़ी बहन पियानो और दूसरी बहन गिटार बजाती है। वहीं पथिराना अपनी रफ्तार की धुन से विपक्षी बल्लेबाज़ों को परेशान करने का काम करते हैं।

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