पांच अक्टूबर को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में वर्ल्ड कप 2023 की शुरुआत होगी। पहले ही मैच से मौजूदा चैंपियन इंग्लैंड अपने खिताब के बचाव के लिए उतरेगी। 2019 में ऑयन मॉर्गन की कप्तानी वाली इंग्लैंड इस बार जॉस बटलर के कप्तानी में उसी विस्फोटक अंदाज के क्रिकेट को आगे बढ़ाने की कोशिश करेगी। लेकिन क्या ये इतना आसान है? इंग्लैंड कितनी ताकतवर है और क्या उसकी कमजोरियां हैं, ये जानना भी जरूरी है।
इंग्लैंड टीम की मजबूती
बल्लेबाजी में इंग्लिश टीम एक से बढ़कर एक विस्फोटक बल्लेबाजों से भरी पड़ी है। टॉप ऑर्डर में जॉनी बेयरस्टो और डेविड मलान जैसे बल्लेबाज हैं तो मिडिल ऑर्डर में बेन स्टोक्स, कप्तान बटलर और ब्रूक जैसे बल्लेबाज। ये सभी बल्लेबाज अच्छी फॉर्म में हैं। इंग्लिश टीम की एक बड़ी ताकत बल्लेबाजी में उसकी गहराई है। स्क्वाड में मौजूदा 15 खिलाड़ियों में से कोई भी प्लेइंग इलेवन तैयार की जाए तो उसमें 10वें नंबर तक बल्लेबाजी की काबिलियत है। टीम के पास क्रिस वोक्स, सैम करन, डेविड विली, मार्क वुड जैसे गेंदबाज हैं जो बल्ले से भी अहम योगदान दे सकते हैं। इसके अलावा टीम के पास गेंदबाजी में भी काफी विकल्प हैं। इंग्लैंड के पास विली, करन और रीस टॉपली के रूप में बाएं हाथ के तीन तेज गेंदबाज हैं, जो अपनी विविधताओं के कारण बल्लेबाजों के लिए परेशानी बन सकते हैं। खास तौर पर टॉपली नई गेंद से परेशान कर सकते हैं। साथ ही मार्क वुड के रूप में एक तेज रफ्तार बॉलर भी है। सबसे खास बात ये है कि टीम के पास मुख्य गेंदबाजों के अलावा लियम लिविंगस्टन, हैरी ब्रूक और जो रूट के रूप में ऐसे बल्लेबाज हैं, जो पार्ट टाइम स्पिन भी कर सकते हैं।
इंग्लैंड टीम की मजबूती कमजोरियां
ऐसा नहीं है कि इंग्लैंड की टीम में कमजोरियां नहीं हैं। कुछ मोर्चों पर ये टीम भी परेशान है और इसमें सबसे बड़ी चिंता कुछ प्रमुख खिलाड़ियों की फॉर्म है। टीम के टॉप ऑर्डर में दिग्गज बल्लेबाज जो रूट भी हैं, जिन्होंने पिछले वर्ल्ड कप से अब तक सिर्फ 16 पारियों में बैटिंग की है और तीन हाफ सेंचुरी ही लगा सके हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ हालिया सीरीज में वो एकदम फेल रहे थे। वहीं गेंदबाजी में सैम करन की फॉर्म बेहद चिंता का विषय है। न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज में तीन मैचों में सिर्फ दो विकेट ले सके थे और महंगे साबित हुए थे। तेज गेंदबाज मार्क वुड की फिटनेस और फॉर्म भी चिंता का विषय है. वुड ने 2019 वर्ल्ड कप के बाद से सिर्फ 8 वनडे खेले हैं और इसकी एक बड़ी वजह उनकी फिटनेस है। इस साल मार्च के बाद से उन्होंने सिर्फ दो मैच खेले हैं, जिसमें दो विकेट ही उन्हें मिले थे।
इंग्लैंड टीम का पूरा स्क्वाड
जॉस बटलर (कप्तान-विकेटकीपर), जॉनी बेयरस्टो (विकेटकीपर), डेविड मलान, जो रूट, बेन स्टोक्स, हैरी ब्रूक, लियम लिविंगस्टन, मोईन अली, सैम करन, क्रिस वोक्स, डेविड विली, गस एटकिंसन, मार्क वुड, आदिल रशीद और रीस टॉपली